हुवावे और ZTE के इक्विपमेंट राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा, चीन इनका इस्तेमाल जासूसी के लिए कर सकता है

कई छोटी अमेरिकी कंपनियां इनके सस्ते नेटवर्क इक्विपमेंट पर निर्भर हैंएजेंसी तीन चीनी टेलीफोन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है दैनिक भास्

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  • कई छोटी अमेरिकी कंपनियां इनके सस्ते नेटवर्क इक्विपमेंट पर निर्भर हैं
  • एजेंसी तीन चीनी टेलीफोन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:42 PM IST

न्यूयॉर्क. अमेरिकी फेडरल कम्युनिकेशन्स कमीशन (एफसीसी) ने चीनी कंपनी हुवावे और ZTE कॉर्पोरेशन को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। एफसीसी ने बताया है कि यह कदम इन चीनी कंपनियों को अमेरिकी बाजार से बाहर करने के लिए उठाया गया है। कई छोटी कंपनियां सरकार से सब्सिडी लेकर इन कंपनियों से सस्ते नेटवर्क इक्विपमेंट खरीदती थीं लेकिन अब वे ऐसा नहीं कर पाएंगी। एफसीसी का कहना है कि हुवावे और जेडटीई दोनों ही कंपनियों के चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और चीनी सैन्य हथियार समूह के साथ घनिष्ठ संबंध है।

हुवावे के इक्विपमेंट को जासूसी के लिए इस्तेमाल कर सकता है चीन

  • एफसीसी के अध्यक्ष अजीत पाई ने ट्विटर पर कहा- अमेरिकी सरकार और यह विशेष रूप से एफसीसी, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को अमेरिका के कम्युनिकेशन नेटवर्क की कमजोरियों का फायदा उठाने की अनुमति नहीं दे सकती है।
  • उन्होंने ट्विटर पर एक लेटर भी शेयर किया जिसमें सबूतों के आधार पर ब्यूरो ने हुवावे और ZTE को अमेरिका के कम्युनिकेशन नेटवर्क और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि एफसीसी के 8.three बिलियन डॉलर का सालाना यूनिवर्सल सर्विस फंड का इस्तेमाल इन सप्लायर्स से इक्विपमेंट या सर्विस खरीदने के लिए नहीं किया जा सकता है। ये फंड सब्सिडी का एक कलेक्शन है जिसके जरिए अमेरिकी सरकार टेलीकॉम सर्विस तक पहुंच को बढ़ावा देती है। अमेरिका का कहना है कि हुवावे के इक्विपमेंट को चीन जासूसी करने के लिए इस्तेमाल कर सकता है।

तीन चीनी टेलीकॉम कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगा सकती है एफसीसी

  • वाशिंगटन और बीजिंग के बीच तनाव बढ़ने के साथ एफसीसी ने कोरोनोवायरस और सुरक्षा मुद्दों पर चीनी कंपनियों की तेजी से छानबीन की है। एजेंसी तीन चीनी टेलीफोन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है। पिछले साल अमेरिकी बाजार में एंट्री को लेकर चीन मोबाइल लिमिटेड पर प्रतिबंधित लगाया था।

इक्विपमेंट्स बदलने का औसत खर्च $ 45 मिलियन तक आएगा

  • एफसीसी ने बताया कि लगभग तीन दर्जन या चार दर्जन ग्रामीण कंपनियां सरकार से सब्सिडी लेती हैं और हुवावे या ZTE के इक्विपमेंट इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने कहा कि इक्विपमेंट्स को बदलने के लिए एक फर्म की औसत लागत $ 40 मिलियन से $ 45 मिलियन तक हो सकती है।

एफसीसी ने रिप्लेसमेंट प्रोग्राम के लिए $ 2 बिलियन का खर्च बताया

  • एफसीसी के आयुक्त जेफ्री स्टार्क्स ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि “अविश्वसनीय इक्विपमेंट” कई जगह पर लगे हैं और एफसीसी को रिप्लेसमेंट प्रोग्राम चलाने के लिए कहा गया है।
  • पाई ने 24 जून को कांग्रेस को पूर्ण पैमाने पर रिप-एंड-रिप्लेस प्रोग्राम के रूप में $ 2 बिलियन का खर्च बताया। एफसीसी ने कहा हम धन की आवश्यकता है, ताकि हम इस कार्यक्रम को लागू करने के लिए तेजी से काम कर सकें।

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