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भारत में स्मार्टफोन का मार्केट साइज 2 लाख करोड़ रुपए का, 72% हिस्सा चीन की कंपनियों का; मार्केट से उनको हटा पाना होगा बेहद मुश्किल काम

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  • फार्मा एपीआई, स्मार्टफोन, टेलीविजन में दबदबा, सोलर पैनल के इस्मेंतेमाल की 90% चीजें चीन से आयात होती हैं
  • भारत में टेलीविजन का मार्केट 25,00zero करोड़ का है। स्मार्ट टीवी में चीन कंपनियों की हिस्सेदारी 42-45% है

दैनिक भास्कर

Jun 20, 2020, 07:00 AM IST

मुंबई. भारत और चीन के बीच लद्दाख के गलवान में चल रहे टकराव ने एक बार फिर भारत में चीनी कंपनियों के बिजनेस और दबदबे को लेकर चर्चा तेज कर दी है। चीन के लिए भारत एक बहुत बड़े बाजार के रूप में उभरा है। दोनों देशों में विशाल आबादी के कारण एक बहुत बड़ा कंज्यूमर बेस है। दरअसल चीन की कंपनियों के सस्ते उत्पाद भारत में अपनी जड़ें इस कदर जमा चुकी हैं कि उनको उखाड़ना बहुत मुश्किल है। यही नहीं, चीनी कंपनियां भारत में निवेश भी कर रही हैं। ऐसे में चीन के बाजार को भारत से खत्म करना एक मुश्किल काम है।

हालांकि भारत सरकार भारतीय बाजार को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की सोच रही है। इसके बारे में चीन उम्मीद कर रहा होगा। चीनी कंपनियों को भारत सरकार से या प्राइवेट सेक्टर से फिलहाल कोई कॉन्ट्रैक्ट जल्द मिलने की संभावना नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हुवावे कंपनी, जिसका भारत के 5जी मार्केट में उतरने की पहले से ही कम अवसर थे, अब यह और भी कम हो गया है।

चीनी कंपनियों के बंद करने और बहिष्कार करने के सवाल पर सीएनआई रिसर्च के सीएमडी, किशोर ओस्तवाल का कहना है कि भारत किसी भी देश का इंपोर्ट या अन्य बिजनेस को बंद नहीं कर सकता है। इसका कारण विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) है। डब्ल्यूटीओ के नियमों के मुताबिक, किसी देश की सरकार आयात या बिजनेस को बंद नहीं कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो फिर चीन भारत के व्यापार को रोकेगा। ऐसे में ग्लोबलाइजेशन ही खत्म हो जाएगा। हमारे प्रधानमंत्री ने जो कहा, वह लोग समझ नही नहीं पाए। उन्होंने कहा था कि आत्मनिर्भर बनो। बहिष्कार की बात नहीं की है।

उनका कहना है कि आत्मनिर्भर का मतलब यह है कि आप अपने से किसी चीज का बहिष्कार कर सकते हैं। ग्राहक और कंपनी यह दोनों चाहें तो कर सकते हैं लेकिन सरकार नहीं कर सकती है। इसलिए यह कंपनियों और जनता को सोचना होगा कि वह किस तरह से चीन के सामानों की खरीदी बंद करे। जैसे बीएसएनल और रेलवे ने कदम उठाया है। उस तरह से अन्य कंपनियां चाहें तो यह कदम उठा सकती हैं। डब्ल्यूटीओ के चीन और भारत दोनों सदस्य हैं। इसके अलावा भारत के पास अभी खुद के प्रोडक्ट डेवलप करने की टेक्नोलॉजी भी कम है और आयात पर निर्भरता काफी ज्यादा है।

चीन की किन कंपनियों की भारत में किस सेक्टर में कितनी हिस्सेदारी है और अगर उनको हटा दिया जाए तो उनका क्या विकल्प होगा, इस पर इस तरह से देखते हैं।

स्मार्टफोन: स्मार्टफोन मार्केट साइज भारत में 2 लाख करोड़ रुपए का है। इसमें 72 प्रतिशत हिस्सा चीन की कंपनियों के प्रोडक्ट का है।
विकल्प: इस मामले में भारत के पास कोई विकल्प नहीं है। कारण कि चीन के ब्रांड हर प्राइस सेगमेंट में और आरएंडडी में काफी आगे हैं।

टेलीकॉम इक्विपमेंट: भारत में टेलीकॉम इक्विपमेंट का बाजार 12,00zero करोड़ रुपए का है। इसमें चीन की कंपनियों की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत है।
विकल्प: भारत इसे कर सकता है। लेकिन यह महंगा पड़ेगा। टेलीकॉम कंपनियां 10-15 प्रतिशत प्रोक्यूरमेंट लागत में वृद्धि कर सकती हैं। लेकिन अगर ये कंपनियां अमेरिका या यूरोपियन सप्लायर्स का विकल्प अपनाती है तो उन्हें वेंडर फाइनेंसिंग ऑप्शन का नुकसान हो सकता है।

टेलीविजन: भारत में टेलीविजन का मार्केट 25,00zero करोड़ रुपए का है। इसमें चीन की कंपनियों की स्मार्ट टीवी की हिस्सेदारी 42 से 45 प्रतिशत है। नॉन स्मार्ट टीवी की हिस्सेदारी 7-9 प्रतिशत है।
विकल्प: भारत कर सकता है। लेकिन यह काफी महंगा है। भारत की तुलना में चीन की स्मार्ट टीवी 20-45 प्रतिशत सस्ती है।

होम अप्लायंसेस: भारत में इस सेगमेंट का मार्केट साइज 50 हजार करोड़ रुपए है। इसमें चीन की कंपनियों की हिस्सेदारी 10-12 प्रतिशत है।
विकल्प: भारत के लिए काफी आसान है। लेकिन चीन के बड़े ब्रांड काफी सस्ते में भारत में प्रवेश करते हैं तो यह नजारा बदल सकता है।

ऑटो कंपोनेंट: भारत में इस सेगमेंट का मार्केट साइज 57 अरब डॉलर का है। इसमें चीन की कंपनियों की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत है।
विकल्प: भारत के लिए मुश्किल है। आरएंडी पर काफी खर्च करना होगा

सोलर पावर: भारत में इसका मार्केट साइज 37,916 मेगावाट का है। इसमें चीन की कंपनियों का हिस्सा 90 प्रतिशत है।
विकल्प: भारत के लिए यह एकदम मुश्किल है। घरेलू स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग काफी कमजोर है। जबकि दूसरा विकल्प चीन की तुलना में महंगा होगा।

इंटरनेट ऐप: भारत में इंटरनेट एप का मार्केट साइज 45 करोड़ स्मार्टफोन यूजर के रूप में है। 66 प्रतिशत लोग कम से कम एक चीनी ऐप का इस्तेमाल करते हैं।
विकल्प: आसान है। लेकिन यह तभी होगा, जब भारतीय यूजर्स टिक-टॉक को बाय-बाय कर दें। अभी तक घरेलू ऐप इस मामले में फेल हैं।

स्टील: भारत में स्टील का मार्केट साइज 108.5 एमटी का है। इसमें चीन की कंपनियों की हिस्सेदारी 18-20 प्रतिशत है।
विकल्प: यह किया जा सकता है। पर इसमें कीमत चीन के ही जितना रखना होगा। लेकिन कुछ प्रोडक्ट पर यह संभव नहीं है।

फार्मा: एपीआई- भारत में फार्मा एपीआई का मार्केट साइज 2 अरब डॉलर का है। इसमें चीन की कंपनियों की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत है।
विकल्प: बहुत मुश्किल है। अन्य सोर्स काफी महंगे होंगे। साथ ही रेगुलेटरी मुश्किलें भी हैं।

जाने माने इकोनॉमिस्ट अरुण कुमार का कहना है कि चीन से भारतीय आयात कई तरह का है। पिछले कई सालों से ऐसे अभियान रह-रह के सुनाई पड़ते रहते हैं। इसका असर नहीं होता क्योंकि हमें जो प्रोडक्ट बाजार में 10 रुपए में मिल रहा है, वही चीन 5-6 रुपए में देता है। यह जनता के ऊपर है, चाहे तो सभी प्रोडक्ट का उपयोग बंद कर दे। आधिकारिक तौर पर इस तरह की कोई पाबंदी नहीं लगाई जा सकती है। यह डब्ल्यूटीओ के नियमों का उल्लंघन होगा। बहिष्कार या बॉयकॉट का पूरा मामला इंडस्ट्री और जनता पर है।

उनका कहना है कि आप ज्यादा ड्यूटी भी नहीं लगा सकते हैं। इस पर भी डब्ल्यूटीओ के नियम हैं। साथ ही, आप अगर चीन से आयात बंद भी कर दें तो बाकी देशों से आयात कैसे करेंगे? चीन का लॉजिस्टिक कई देशों तक है और वहां से भी चीन की सामान भारत आता है। कई देशों से जो माल आता है उसमें भी चीन का हिस्सा होता है।

टेक्निकल क्षमता बढ़ाने और उद्योगों को डेवलप करने के लिए सरकार को अभी बहुत काम करने की जरूरत है। भारत मर्चेंट चेम्बर के ट्रस्टी राजीव सिंगल का कहना है कि चीन से व्यापारिक प्रतिबंध तोड़ने और उनके सामानों को अपने देश में आयात करने को लेकर उपजा विरोध सही है, परंतु हमें इससे पहले व्यवहारिक अड़चन को दूर करना होगा। सरकार तो विश्व व्यापार संगठन से हुए समझौते के कारण ऐसा कोई कदम नहीं उठा सकती। उसे कई स्पेशल इकोनामिक जोन तैयार करने होंगे ताकि हम पहले आत्मनिर्भर बनें।

ऐसे जोन में सस्ती जमीन उपलब्ध कराकर सरकार उद्यमियों को जीएसटी में डिस्काउंट दे, टैक्स हॉलिडे प्रदान करे लेबर कानून को सरल करे तो ऐसे में हम अपने आप आत्मनिर्भर हो जाएंगे और चीन के ऊपर हमारी निर्भरता एकदम समाप्त हो जाएगी। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि अभी भी कोरोना महामारी से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण उपकरण जैसे कि इंफ़्रा रेड थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर आदि चीन से ही मंगाए जा रहे हैं।

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Jio की डिजिटल सेवा में रिकॉर्ड वृद्धि: जून तिमाही में कंपनी का डेटा सालाना 38.5% बढ़ा, प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व 138 रुपये प्रति माह था

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  • हिंदी समाचार
  • टेक कार
  • मुकेश अंबानी रिलायंस जियो की पहली तिमाही के नतीजे अपडेट, जियो सब्सक्राइबर बेस 440.6 मिलियन

नई दिल्ली5 घंटे पहले

  • लिंक की प्रतिलिपि करें

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को इस दौरान 12,273 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। इसकी डिजिटल सेवा ने कंपनी के मुनाफे में काफी योगदान दिया है। देश में 44 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ता Jio नेटवर्क से जुड़े हैं। वहीं, Jio Fiber 30 लाख घरों तक पहुंच चुका है। Jio का डेटा खर्च सालाना 38.5% और वॉयस रेट 19.5% बढ़ा है।

Jio की डिजिटल सेवा में रिकॉर्ड वृद्धि

  • जियो की डिजिटल सेवा कोरोना महामारी की दूसरी लहर से ज्यादा प्रभावित नहीं हुई। इस दौरान कंपनी ने नए रिकॉर्ड भी हासिल किए। कंपनी ने तिमाही के दौरान Jio नेटवर्क में 14.Three मिलियन (1.43 करोड़) नए ग्राहक जोड़े। इस तरह इसका कुल सब्सक्राइबर बेस 440.6 मिलियन (44.06 मिलियन रुपये) हो गया है।
  • जियो यूजर्स ने तिमाही के दौरान कुल 20 एक्साबाइट (20 अरब जीबी) डेटा खर्च किया। यह सालाना 38.5 फीसदी बढ़ा है। वहीं, तिमाही के दौरान 1.06 ट्रिलियन मिनट के लिए वॉयस रेट का इस्तेमाल किया गया। साथ ही इसमें सालाना 19.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी का EBITDA 9,268 करोड़ रुपये रहा। इसकी वार्षिक वृद्धि 19% है।
  • कंपनी ने इस दौरान जियोफोन नेक्स्ट पेश किया। वहीं, कई लोग Jio Fiber सर्विस से जुड़े। कंपनी के मुताबिक, Jio Fiber देश में 30 लाख (30 लाख) से ज्यादा घरों तक पहुंच चुका है।

प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व 138 रुपये प्रति माह था
तिमाही के लिए रिलायंस का औसत राजस्व प्रति उपयोगकर्ता (ARPU) 138.four रुपये प्रति माह था। तिमाही के लिए कंपनी का शुद्ध लाभ 3,651 करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल 44.9% की वृद्धि है। कंपनी का तिमाही नकद लाभ 8,063 करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल 31.0% की वृद्धि है।

प्रति उपयोगकर्ता औसत डेटा खपत बढ़कर 15.6 GB . हो गई

वित्तीय वर्ष 22 की पहली तिमाही के दौरान, प्रति उपयोगकर्ता औसत मासिक डेटा खपत बढ़कर 15.6 जीबी हो गई, जबकि औसत वॉयस खपत प्रति उपयोगकर्ता 818 मिनट थी। कंपनी ने हाल ही में हासिल किए गए नए स्पेक्ट्रम के साथ अपने ग्राहकों के लिए सेवाओं के प्रावधान में और सुधार किया है।

ग्राहकों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी

कंपनी ने कोविड महामारी को देखते हुए बेहतर ग्राहक सेवा मुहैया कराने के लिए मंथन को घटाकर 0.95% कर दिया है। इनमें जियोफोन यूजर्स के लिए फ्री ऑफर्स, इमरजेंसी डेटा लोन, व्हाट्सएप रिचार्ज ऑप्शन और फ्रीडम प्लान शामिल हैं। इस पर डेली डेटा की कोई लिमिट नहीं है।

सस्ते एंड्रॉयड स्मार्टफोन की घोषणा का फायदा।
रिलायंस जियो ने एजीएम के दौरान दुनिया के सबसे सस्ते एंड्रॉइड स्मार्टफोन की घोषणा की। इसका फायदा कंपनी को भी मिला है। इस तथ्य के बावजूद कि कंपनी ने अभी तक इस फोन की कीमत की घोषणा नहीं की है, फोन में कई विशेषताएं होंगी, जैसे कि एंड्रॉइड के नवीनतम संस्करण वाला स्मार्टफोन, भाषा अनुवाद और Google से सुरक्षा सुविधाएँ। फोन को रिलायंस ने गूगल के साथ पार्टनरशिप में तैयार किया है। साथ ही यूजर्स को बेहतर सर्विस देने के लिए रिलायंस और गूगल क्वाड के बीच समझौता हुआ है।

और भी खबरें हैं…

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OnePlus Nord CE 5G बनाम Nord बनाम Nord 2 5G: क्या OnePlus ने अपने नवीनतम लॉन्च के साथ खुद को आगे बढ़ाया है? – प्रौद्योगिकी समाचार, फ़र्स्टपोस्ट

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OnePlus का ‘फ्लैगशिप किलर’, OnePlus Nord 2 5G, भारत में 27,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च हुआ। हालांकि कंपनी ने पिछले साल नॉर्ड रेंज पेश की थी, लेकिन परिवार में नवीनतम प्रवेश मूल नॉर्ड को पुराना बना देता है। वनप्लस ने नॉर्ड 2 5जी के साथ कुछ सबसे पहले पेश किया है, जिसमें यह तथ्य भी शामिल है कि यह कंपनी का पहला मीडियाटेक-संचालित स्मार्टफोन है। नॉर्ड 2 5जी नए मर्ज किए गए ऑक्सीजनओएस और कलरओएस प्लेटफॉर्म पर चलने वाला पहला स्मार्टफोन भी है जिसे ऑक्सीजनओएस 11.Three कहा जाता है। स्मार्टफोन की अन्य महत्वपूर्ण विशेषताओं में इसकी 4,500 एमएएच की बैटरी शामिल है जो 65 डब्ल्यू फास्ट चार्जिंग और 50 एमपी ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप का समर्थन करती है।

वनप्लस नॉर्ड 2 5जी

OnePlus Nord 2 5G के साथ, आपको कुछ छोटे अपडेट भी देखने को मिलेंगे, जैसे अलर्ट स्लाइडर की वापसी और डुअल-स्पीकर सेटअप। लेकिन कुल मिलाकर, क्या ये अपडेट इसे पिछले नॉर्ड स्मार्टफोन से बेहतर बनाते हैं? चलो पता करते हैं।

OnePlus Nord 2 5G की कीमतें

OnePlus Nord 2 5G तीन स्टोरेज वेरिएंट में आता है। 6GB रैम + 128GB स्टोरेज वैरिएंट की कीमत 27,999 रुपये है और यह अगस्त 2021 से खरीदने के लिए उपलब्ध होगा।

8GB रैम + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 29,999 रुपये और 12GB रैम + 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 34,999 रुपये है। ये वेरिएंट 28 जुलाई से बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।

स्मार्टफोन ब्लू हेज़, ग्रे सिएरा और ग्रीन वुड्स (इंडिया एक्सक्लूसिव) कलर वेरिएंट में आता है।

OnePlus Nord CE 5G बनाम OnePlus Nord बनाम OnePlus Nord 2 5G: क्या अंतर है?

नीचे OnePlus Nord CE 5G, OnePlus Nord और OnePlus Nord 2 5G के विनिर्देशों की विस्तृत तुलना है।

वनप्लस नोर्ड सीई 5जी वनप्लस नॉर्थ वनप्लस नॉर्ड 2 5जी
स्क्रीन का आकार (इंच) 6.43 6.44 6.43
संकल्प (पिक्सेल) 2,400 x 1,080 2,400 x 1,080 2,400 x 1,080
प्रदर्शन प्रकार AMOLED द्रव, 90 हर्ट्ज AMOLED द्रव, 90 हर्ट्ज AMOLED द्रव, 90 हर्ट्ज
आयाम (मिमी) 159.2 x 73.5 x 7.9 १५८.३ x ७३.३ x ८.२ १५८.९ x ७३.२ x ८.३
वजन (ग्राम) 170 १८४ १८९
दोहरी सिम हाँ हाँ हाँ
सिम प्रकार बड़ा भाई बड़ा भाई बड़ा भाई
प्रोसेसर स्नैपड्रैगन 750G 5G स्नैपड्रैगन 765G मीडियाटेक डाइमेंशन 1200
सीपीयू कोर आठ कोर आठ कोर आठ कोर
जीपीयू एड्रेनो 619 एड्रेनो 620 माली-जी77 एमसी9
राम 8, 12 जीबी 6, 8, 12 जीबी 6, 8, 12
बिल्ट इन मेमोरी 128, 256 जीबी 64, 128, 256 जीबी 128, 256
रियर कैमरा मैट्रिक्स ट्रिपल कैमरा सेटअप क्वाड कैमरा सेटअप ट्रिपल कैमरा सेटअप
रियर कैमरा सेटिंग्स 64 एमपी प्राइमरी सेंसर + Eight एमपी अल्ट्रा-वाइड लेंस + 2 एमपी मोनो लेंस 48 एमपी सोनी आईएमएक्स586 + Eight एमपी अल्ट्रा वाइड लेंस + 5 एमपी डेप्थ लेंस + 2 एमपी मैक्रो लेंस

50 MP IMX766 सेंसर + Eight MP अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस + 2 MP मोनो लेंस

माध्यमिक कैमरा 16 एमपी 32MP Sony IMX616 + 8MP अल्ट्रा वाइड लेंस 32 एमपी
विडियो रिकॉर्ड 30 एफपीएस पर 4K, 30/60/120 एफपीएस पर 1080p 1080p 30/60/240 एफपीएस . पर

4K @ 30fps, 1080p @ 30/60 / 240fps

Chamak हाँ हाँ हाँ
ओएस संस्करण एंड्रॉइड 11 एंड्रॉइड 11 एंड्रॉइड 11
GPS हाँ, A-GPS, GLONASS, GALILEO, BDS, NavIC . के साथ

हाँ, (L1 + L5 डुअल बैंड), GLONASS, गैलीलियो (E1 + E5a डुअल बैंड), Beidou, A-GPS, NavIC

हाँ, डुअल-बैंड A-GPS, GLONASS, GALILEO, BDS, SBAS, NavIC के साथ
वाई – फाई वाई-फाई 802.11 ए / बी / जी / एन / एसी, 2.Four जी / 5 जी 2×2 एमआईएमओ, वाई-फाई 802.11 ए / बी / जी / एन / एसी, 2.Four जी / 5 जी

वाई-फाई 802.11 ए / बी / जी / एन / एसी / कुल्हाड़ी, 2.4G / 5G, 2x2MIMO

ब्लूटूथ 5.1 5.1 5.2
एनएफसी हाँ हाँ हाँ
अंगुली – छाप परीक्षण यंत्र स्क्रीन पर स्क्रीन पर स्क्रीन पर
3.5 मिमी जैक हाँ नहीं नहीं
यूएसबी प्रकार टाइप-सी टाइप-सी टाइप-सी
यूएसबी मानक यूएसबी 2.0 यूएसबी 2.0 यूएसबी 2.0
बैटरी (एमएएच) 4,500 4,115 4,500
त्वरित शुल्क हाँ, 30T प्लस हाँ, ताना चार्ज 30T हाँ, ताना चार्ज 65 W
रंग की नीला शून्य, चारकोल स्याही, चांदी की बीम नीला संगमरमर, ग्रे गोमेद

ब्लू हेज़, ग्रे सिएरा और ग्रीन वुड्स

अंकित मूल्य 22,999 . से शुरू 24,999 रुपये से शुरू 27,999 रुपये से शुरू

निष्कर्ष

अन्य नॉर्ड मॉडल की तुलना में OnePlus Nord 2 5G अपने लिए एक आकर्षक मामला है। स्मार्टफोन एक फ्लैगशिप मीडियाटेक डाइमेंशन 1200 चिपसेट, 12GB तक रैम, 256GB तक स्टोरेज, एक ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आता है जिसमें एक 50MP IMX766 सेंसर और एक 32MP सेल्फी कैमरा होता है। इसमें 4,500 एमएएच की बैटरी भी है जो 65 वॉट फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

मेरी राय में, नया स्मार्टफोन डिजाइन के मोर्चे पर भी प्रभावित करता है। इसमें कैमरे पर एक उभार है जो वनप्लस 9 के समान दिखता है।

जबकि अंतिम फैसला पूरी तरह से समीक्षा के बाद ही आएगा, यह स्पष्ट है कि वनप्लस नॉर्ड 2 5 जी के साथ, कंपनी ने पहले से ही आकर्षक पैकेज में सुधार किया है।

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Samsung का नया 5G स्मार्टफोन: भारत में लॉन्च हुआ Galaxy A22 5G, 48MP कैमरे के साथ होगा 8GB रैम का विकल्प; इंट्रोडक्टरी ऑफर में 1500 रुपये का कैशबैक मिल रहा है

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  • Samsung Galaxy A22 5G ट्रिपल रियर कैमरा के साथ, MediaTek डाइमेंशन SoC भारत में लॉन्च: कीमत, स्पेसिफिकेशंस

नई दिल्ली40 मिनट पहले minutes

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Samsung ने भारतीय बाजार में Galaxy A22 5G स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है। फोन में ट्रिपल रियर कैमरा और वॉटरड्रॉप स्टाइल डिस्प्ले मिलेगा। इसमें 8GB रैम के साथ Dolby Atoms Audio भी है। 11 5G बैंड को सपोर्ट करता है। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला Redmi Notice 10 Professional Max, Realme X7 5G और iQoo Z3 से होगा।

सैमसंग गैलेक्सी A22 5G कीमत
इस स्मार्टफोन को दो रैम वेरिएंट में लॉन्च किया गया है। 6GB रैम + 128GB स्टोरेज वैरिएंट की कीमत 19,999 रुपये और 8GB रैम + 128GB स्टोरेज वैरिएंट की कीमत 21,999 रुपये है। फोन को आप ग्रे, मिंट और वायलेट रंग में खरीद सकते हैं। कंपनी ने लॉन्च के साथ इसकी बिक्री भी शुरू कर दी है। इंट्रोडक्टरी ऑफर के चलते कंपनी HDFC बैंक के कार्ड ग्राहकों को 1,500 रुपये का रिफंड दे रही है।

सैमसंग गैलेक्सी ए22 5जी स्पेसिफिकेशंस

  • फोन डुअल नैनो सिम सपोर्ट करता है। यह कंपनी के Android 11-आधारित One UI Core 3.1 ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है।फोन में 6.6 इंच का फुल-एचडी+ इनफिनिटी-वी डिस्प्ले है, जिसका 90Hz रिफ्रेश रेट है। आपको आठ-कोर मीडियाटेक डाइमेंशन 700 प्रोसेसर के साथ 8GB तक रैम मिलेगी। फोन की इनबिल्ट स्टोरेज 128GB है। इसमें 1 टीबी का मेमोरी कार्ड भी लगाया जा सकता है।
  • स्मार्टफोन में 48 मेगापिक्सल का ट्रिपल रियर कैमरा कॉन्फिगर किया गया है। रियर कैमरे में 5-मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड शूटर और 2-मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर भी है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए eight मेगापिक्सल का कैमरा होगा।
  • कनेक्टिविटी के लिए फोन में 5जी, 4जी एलटीई, वाई-फाई, ब्लूटूथ, जीपीएस/ ए-जीपीएस और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट है। फोन में साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर भी मिलेगा। आपको 5,000 एमएएच की बैटरी मिलेगी, जो 15 वॉट चार्ज को सपोर्ट करती है।फोन का डाइमेंशन 167.2×76.4x9mm और वजन 203 ग्राम है।

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