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भारत में स्मार्टफोन का मार्केट साइज 2 लाख करोड़ रुपए का, 72% हिस्सा चीन की कंपनियों का; मार्केट से उनको हटा पाना होगा बेहद मुश्किल काम

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  • फार्मा एपीआई, स्मार्टफोन, टेलीविजन में दबदबा, सोलर पैनल के इस्मेंतेमाल की 90% चीजें चीन से आयात होती हैं
  • भारत में टेलीविजन का मार्केट 25,00zero करोड़ का है। स्मार्ट टीवी में चीन कंपनियों की हिस्सेदारी 42-45% है

दैनिक भास्कर

Jun 20, 2020, 07:00 AM IST

मुंबई. भारत और चीन के बीच लद्दाख के गलवान में चल रहे टकराव ने एक बार फिर भारत में चीनी कंपनियों के बिजनेस और दबदबे को लेकर चर्चा तेज कर दी है। चीन के लिए भारत एक बहुत बड़े बाजार के रूप में उभरा है। दोनों देशों में विशाल आबादी के कारण एक बहुत बड़ा कंज्यूमर बेस है। दरअसल चीन की कंपनियों के सस्ते उत्पाद भारत में अपनी जड़ें इस कदर जमा चुकी हैं कि उनको उखाड़ना बहुत मुश्किल है। यही नहीं, चीनी कंपनियां भारत में निवेश भी कर रही हैं। ऐसे में चीन के बाजार को भारत से खत्म करना एक मुश्किल काम है।

हालांकि भारत सरकार भारतीय बाजार को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की सोच रही है। इसके बारे में चीन उम्मीद कर रहा होगा। चीनी कंपनियों को भारत सरकार से या प्राइवेट सेक्टर से फिलहाल कोई कॉन्ट्रैक्ट जल्द मिलने की संभावना नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हुवावे कंपनी, जिसका भारत के 5जी मार्केट में उतरने की पहले से ही कम अवसर थे, अब यह और भी कम हो गया है।

चीनी कंपनियों के बंद करने और बहिष्कार करने के सवाल पर सीएनआई रिसर्च के सीएमडी, किशोर ओस्तवाल का कहना है कि भारत किसी भी देश का इंपोर्ट या अन्य बिजनेस को बंद नहीं कर सकता है। इसका कारण विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) है। डब्ल्यूटीओ के नियमों के मुताबिक, किसी देश की सरकार आयात या बिजनेस को बंद नहीं कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो फिर चीन भारत के व्यापार को रोकेगा। ऐसे में ग्लोबलाइजेशन ही खत्म हो जाएगा। हमारे प्रधानमंत्री ने जो कहा, वह लोग समझ नही नहीं पाए। उन्होंने कहा था कि आत्मनिर्भर बनो। बहिष्कार की बात नहीं की है।

उनका कहना है कि आत्मनिर्भर का मतलब यह है कि आप अपने से किसी चीज का बहिष्कार कर सकते हैं। ग्राहक और कंपनी यह दोनों चाहें तो कर सकते हैं लेकिन सरकार नहीं कर सकती है। इसलिए यह कंपनियों और जनता को सोचना होगा कि वह किस तरह से चीन के सामानों की खरीदी बंद करे। जैसे बीएसएनल और रेलवे ने कदम उठाया है। उस तरह से अन्य कंपनियां चाहें तो यह कदम उठा सकती हैं। डब्ल्यूटीओ के चीन और भारत दोनों सदस्य हैं। इसके अलावा भारत के पास अभी खुद के प्रोडक्ट डेवलप करने की टेक्नोलॉजी भी कम है और आयात पर निर्भरता काफी ज्यादा है।

चीन की किन कंपनियों की भारत में किस सेक्टर में कितनी हिस्सेदारी है और अगर उनको हटा दिया जाए तो उनका क्या विकल्प होगा, इस पर इस तरह से देखते हैं।

स्मार्टफोन: स्मार्टफोन मार्केट साइज भारत में 2 लाख करोड़ रुपए का है। इसमें 72 प्रतिशत हिस्सा चीन की कंपनियों के प्रोडक्ट का है।
विकल्प: इस मामले में भारत के पास कोई विकल्प नहीं है। कारण कि चीन के ब्रांड हर प्राइस सेगमेंट में और आरएंडडी में काफी आगे हैं।

टेलीकॉम इक्विपमेंट: भारत में टेलीकॉम इक्विपमेंट का बाजार 12,00zero करोड़ रुपए का है। इसमें चीन की कंपनियों की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत है।
विकल्प: भारत इसे कर सकता है। लेकिन यह महंगा पड़ेगा। टेलीकॉम कंपनियां 10-15 प्रतिशत प्रोक्यूरमेंट लागत में वृद्धि कर सकती हैं। लेकिन अगर ये कंपनियां अमेरिका या यूरोपियन सप्लायर्स का विकल्प अपनाती है तो उन्हें वेंडर फाइनेंसिंग ऑप्शन का नुकसान हो सकता है।

टेलीविजन: भारत में टेलीविजन का मार्केट 25,00zero करोड़ रुपए का है। इसमें चीन की कंपनियों की स्मार्ट टीवी की हिस्सेदारी 42 से 45 प्रतिशत है। नॉन स्मार्ट टीवी की हिस्सेदारी 7-9 प्रतिशत है।
विकल्प: भारत कर सकता है। लेकिन यह काफी महंगा है। भारत की तुलना में चीन की स्मार्ट टीवी 20-45 प्रतिशत सस्ती है।

होम अप्लायंसेस: भारत में इस सेगमेंट का मार्केट साइज 50 हजार करोड़ रुपए है। इसमें चीन की कंपनियों की हिस्सेदारी 10-12 प्रतिशत है।
विकल्प: भारत के लिए काफी आसान है। लेकिन चीन के बड़े ब्रांड काफी सस्ते में भारत में प्रवेश करते हैं तो यह नजारा बदल सकता है।

ऑटो कंपोनेंट: भारत में इस सेगमेंट का मार्केट साइज 57 अरब डॉलर का है। इसमें चीन की कंपनियों की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत है।
विकल्प: भारत के लिए मुश्किल है। आरएंडी पर काफी खर्च करना होगा

सोलर पावर: भारत में इसका मार्केट साइज 37,916 मेगावाट का है। इसमें चीन की कंपनियों का हिस्सा 90 प्रतिशत है।
विकल्प: भारत के लिए यह एकदम मुश्किल है। घरेलू स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग काफी कमजोर है। जबकि दूसरा विकल्प चीन की तुलना में महंगा होगा।

इंटरनेट ऐप: भारत में इंटरनेट एप का मार्केट साइज 45 करोड़ स्मार्टफोन यूजर के रूप में है। 66 प्रतिशत लोग कम से कम एक चीनी ऐप का इस्तेमाल करते हैं।
विकल्प: आसान है। लेकिन यह तभी होगा, जब भारतीय यूजर्स टिक-टॉक को बाय-बाय कर दें। अभी तक घरेलू ऐप इस मामले में फेल हैं।

स्टील: भारत में स्टील का मार्केट साइज 108.5 एमटी का है। इसमें चीन की कंपनियों की हिस्सेदारी 18-20 प्रतिशत है।
विकल्प: यह किया जा सकता है। पर इसमें कीमत चीन के ही जितना रखना होगा। लेकिन कुछ प्रोडक्ट पर यह संभव नहीं है।

फार्मा: एपीआई- भारत में फार्मा एपीआई का मार्केट साइज 2 अरब डॉलर का है। इसमें चीन की कंपनियों की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत है।
विकल्प: बहुत मुश्किल है। अन्य सोर्स काफी महंगे होंगे। साथ ही रेगुलेटरी मुश्किलें भी हैं।

जाने माने इकोनॉमिस्ट अरुण कुमार का कहना है कि चीन से भारतीय आयात कई तरह का है। पिछले कई सालों से ऐसे अभियान रह-रह के सुनाई पड़ते रहते हैं। इसका असर नहीं होता क्योंकि हमें जो प्रोडक्ट बाजार में 10 रुपए में मिल रहा है, वही चीन 5-6 रुपए में देता है। यह जनता के ऊपर है, चाहे तो सभी प्रोडक्ट का उपयोग बंद कर दे। आधिकारिक तौर पर इस तरह की कोई पाबंदी नहीं लगाई जा सकती है। यह डब्ल्यूटीओ के नियमों का उल्लंघन होगा। बहिष्कार या बॉयकॉट का पूरा मामला इंडस्ट्री और जनता पर है।

उनका कहना है कि आप ज्यादा ड्यूटी भी नहीं लगा सकते हैं। इस पर भी डब्ल्यूटीओ के नियम हैं। साथ ही, आप अगर चीन से आयात बंद भी कर दें तो बाकी देशों से आयात कैसे करेंगे? चीन का लॉजिस्टिक कई देशों तक है और वहां से भी चीन की सामान भारत आता है। कई देशों से जो माल आता है उसमें भी चीन का हिस्सा होता है।

टेक्निकल क्षमता बढ़ाने और उद्योगों को डेवलप करने के लिए सरकार को अभी बहुत काम करने की जरूरत है। भारत मर्चेंट चेम्बर के ट्रस्टी राजीव सिंगल का कहना है कि चीन से व्यापारिक प्रतिबंध तोड़ने और उनके सामानों को अपने देश में आयात करने को लेकर उपजा विरोध सही है, परंतु हमें इससे पहले व्यवहारिक अड़चन को दूर करना होगा। सरकार तो विश्व व्यापार संगठन से हुए समझौते के कारण ऐसा कोई कदम नहीं उठा सकती। उसे कई स्पेशल इकोनामिक जोन तैयार करने होंगे ताकि हम पहले आत्मनिर्भर बनें।

ऐसे जोन में सस्ती जमीन उपलब्ध कराकर सरकार उद्यमियों को जीएसटी में डिस्काउंट दे, टैक्स हॉलिडे प्रदान करे लेबर कानून को सरल करे तो ऐसे में हम अपने आप आत्मनिर्भर हो जाएंगे और चीन के ऊपर हमारी निर्भरता एकदम समाप्त हो जाएगी। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि अभी भी कोरोना महामारी से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण उपकरण जैसे कि इंफ़्रा रेड थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर आदि चीन से ही मंगाए जा रहे हैं।

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फिटनेस ट्रैकर: 5 स्मार्ट घड़ियां जो आपके ऑक्सीजन के स्तर को दिखाएंगी, रक्तचाप और हृदय की दर को भी मॉनिटर करेंगी; जानिए उनके बारे में

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नई दिल्ली5 घंटे पहले

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कोविद -19 महामारी से बचने के लिए घर पर रहने के अलावा अपनी प्रतिरक्षा बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, रक्तचाप (बीपी), रक्त में ऑक्सीजन का स्तर या ऑक्सीजन संतृप्ति, और हृदय गति का सामान्यीकरण भी महत्वपूर्ण है। आपकी समीक्षा के लिए विभिन्न मशीनें भी आती हैं। हालाँकि, यह सब काम स्मार्टवॉच की मदद से भी किया जा सकता है। स्मार्ट घड़ियों में स्वास्थ्य संबंधी कई विशेषताएं हैं। हम ऐसी घड़ी की बात कर रहे हैं। इन सभी की कीमत 5,000 रुपये से कम है।

रक्तचाप, ऑक्सीजन स्तर और हृदय गति क्या होनी चाहिए?
हमें पता होना चाहिए कि रक्तचाप, ऑक्सीजन स्तर और हृदय गति की सामान्य स्थिति क्या है। ताकि जैसे ही वे सामान्य से अधिक हों, आप स्मार्टवॉच की मदद से पता लगा सकें और डॉक्टर से सलाह ले सकें। कम या ज्यादा होने की स्थिति में ये घड़ियाँ आपको तुरंत सचेत भी करती हैं।

  • रक्तचाप : 120/80 सामान्य, 130/85 सामान्य (नियंत्रण), 140/90 थोड़ा अधिक, 150/95 बहुत अधिक
  • ऑक्सीजन स्तर: 94 सामान्य, 95 से 95, 96 से 100 बहुत अच्छा, 90 से 93 थोड़ा कम, 80 से 89 बहुत कम
  • हृदय दर: 72 प्रति मिनट बहुत अच्छा, 60 से 80 प्रति मिनट कम, 90 से 120 प्रति मिनट की वृद्धि

अब स्वास्थ्य देखभाल के लिए स्मार्ट घड़ियों को पूरा करें …

1. इनबेस अर्बन प्रो
कीमत: 3,499 रुपये

इस घड़ी में टच स्क्रीन है। यह आपको हृदय गति, रक्तचाप, रक्त ऑक्सीजन (SpO2), स्टेप काउंट और कैलोरी काउंट के बारे में सूचित करेगा। इसमें पानी पीने के लिए रिमाइंडर भी दिया गया है। सभी तरह के ऐप नोटिफिकेशन भी वॉच पर उपलब्ध हैं। उसी समय, कॉल पर सहेजा गया नंबर या नाम दिखाई देगा। इसके साथ, संगीत और कैमरा को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

2. Amazfit Bip U
कीमत: 3,599 रुपये

इस घड़ी में 1.43 इंच की एचडी स्क्रीन है। इसमें हृदय गति, रक्तचाप, रक्त ऑक्सीजन (SpO2) जैसी स्वास्थ्य विशेषताएं हैं। साथ ही स्टेप काउंट कैलोरी काउंट पर भी रिपोर्ट करता है। इसमें 60 खेल मोड हैं। सभी तरह के ऐप नोटिफिकेशन भी वॉच पर उपलब्ध हैं।

3. आग-बोलत ब्यास
कीमत: 3,799 रुपये

इस घड़ी में 1.69 इंच की फुल टच स्क्रीन है। यह हृदय गति, रक्तचाप, रक्त ऑक्सीजन (SpO2) जैसी स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ आता है। वॉच में IP67 वाटर रेजिस्टेंस रेटिंग है। अपनी नींद और अपनी सांस को देखें। इसमें eight दिन का बैटरी बैकअप है। कई खेल मोड हैं जैसे चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना, कूदना, बैटमिंटन, बास्केटबॉल, फुटबॉल। वॉच पर सभी तरह के नोटिफिकेशन भी उपलब्ध हैं।

4. शोर ColorFit Professional 3
कीमत: 3,999 रुपये

वॉच में 1.55 इंच की एचडी कलर टच स्क्रीन है। आपको SpO2, हृदय गति, रक्तचाप जैसी विशेषताएं मिलेंगी। साथ ही यह आपके तनाव और नींद पर भी नज़र रखता है। यह वाटरप्रूफ स्मार्ट वॉच है। कई प्रकार के खेल मोड भी हैं। कंपनी के मुताबिक सिंगल चार्ज पर इसकी बैकअप बैटरी 10 दिनों की है।

5. Realme घड़ी एस
कीमत: 4,999 रुपये

इस रियलिटी घड़ी में 1.Three इंच की स्क्रीन है। अन्य घड़ियों की तरह, इसमें रक्त ऑक्सीजन स्तर, हृदय गति और रक्तचाप जैसी स्वास्थ्य विशेषताएं भी हैं। नींद और अन्य गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए भी कार्य होंगे। यह विभिन्न खेल मोड से सुसज्जित है। सिंगल चार्ज पर इसका बैटरी बैकअप 15 दिनों का है।

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सैमसंग का नया 5 जी फोन: भारत में जल्द लॉन्च होने के लिए गैलेक्सी ए 52, 38,000 तक की कीमत हो सकती है

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दिल्लीfour घंटे पहले

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Samsung Galaxy A52, 5G सपोर्ट वाला फोन भारत में एक बड़ा लॉन्च होगा। मार्च की शुरुआत में, A52 गैलेक्सी A72, 5G स्मार्टफोन यूरोप में लॉन्च किए गए थे। दोनों फोन में इंटरनेट स्पीड के लिए स्नैपड्रैगन 750G SoC प्रोसेसर है। जिसके साथ कोई भी आसानी से PUBG जैसे भारी वीडियो गेम खेल सकता है। आप एक ही फोन के कई कार्यों का उपयोग कर सकते हैं। इसमें 8GB रैम के साथ 256GB इंटरनल स्टोरेज है। वेबसाइट पर अभी तक ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन सैमसंग का 5G फोन भारत में लॉन्च होगा।

सैमसंग गैलेक्सी A52 कीमत (उम्मीद)

सैमसंग गैलेक्सी A52 को पहली बार यूरोप में लॉन्च किया गया था। तब इसकी कीमत 429 यूरो (38,000 रुपये) थी। लेकिन कंपनी ने इसकी कीमत भारत में नहीं बताई है। बैंगनी, नीले, सफेद और काले रंग विकल्प हैं।

विनिर्देश

मॉनिटर- पूर्ण HD + सुपर AMOLED इन्फिनिटी डिस्प्ले के साथ 120 हर्ट्ज ताज़ा दर। जिसमें आपको आंखों को सुकून देने वाला अनुभव मिलेगा। नेत्र सुरक्षा समारोह नेत्र सुरक्षा के लिए उपलब्ध है। उच्च ताज़ा दर के कारण, फ़ोटो में पिक्सेल नहीं फटेंगे।

कैमरा- पीछे की तरफ चार कैमरे हैं। जो 64MP, 12MP, 5MP और फिर 5MP है। जिसमें 64MP कैमरा मुख्य कैमरा है, यह उसी पर केंद्रित होगा जिसकी फोटो ली जाएगी। अगर आप चलते-फिरते वीडियो बनाते हैं, तो भी वीडियो साफ रहेगा।
लंबी दूरी से किसी वस्तु का फोटो खींचते समय 12MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा आपकी मदद करेगा। इससे आप एक साथ 5-10 लोगों की फोटो खींच सकते हैं।
एक 5MP गहराई सेंसर है जो रात के अंधेरे में भी फ़ोटो लेने में मदद करेगा।
एक 5MP मैक्रो शूटर है जिसमें से आप केवल 1 इंच की दूरी से किसी ऑब्जेक्ट की फोटो क्लिक कर सकते हैं। यह चींटी, फूल जैसी छोटी वस्तुओं की फोटो को स्पष्ट रूप से कैप्चर करेगा।
सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 32MP का कैमरा होगा।

बैटरी चार्जर- इसमें 4500mAh की बैटरी है। जिसके साथ आप लगातार दो फिल्में आसानी से देख सकते हैं। घंटों तक वीडियो गेम खेलने के बाद भी फास्ट चार्जिंग की जरूरत नहीं होगी। इसमें 25W का चार्जर दिया गया है, जो बैटरी कम होने पर कुछ ही मिनटों में चार्ज हो जाएगा।

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Swiggy ऑनलाइन खाद्य वितरण कंपनी विशेष सुविधा: घर संगरोध में लोगों को लाभ होगा, घर पर भोजन के लिए प्रतिरक्षा बढ़ा सकते हैं

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नई दिल्लीfour घंटे पहले

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पूरी दुनिया कोरोना महामारी से लड़ रही है। इस बीच, ऑनलाइन खाद्य वितरण कंपनी स्विगी ने कोरोना सकारात्मक लोगों के लिए एक नई पहल शुरू की है। कंपनी ने अपने आवेदन में एक विशेष देखभाल कोने को शामिल किया है। यह उन लोगों की मदद करेगा जो घर में मौजूद हैं। देखभाल का यह कोना सकारात्मक लोगों की सभी जरूरतों को प्रदान करेगा। वे भी बिना घर छोड़े। जिसमें घर का बना खाना, सहायता किट, दवाएं और किराने का सामान शामिल हैं। स्वाइगी हेल्थ वेबसाइट भी मेरे लिए स्वस्थ है आपने इसके माध्यम से भागीदारी की है, आप विश्वसनीय रेस्तरां से स्वस्थ भोजन लाएंगे।

होम संगरोध लोगों की मदद करेगा
इसका फायदा उठाने के लिए, Swiggy ऐप के होम पेज पर जाएं। जहां स्पेशल केयर कॉर्नर का ऑप्शन मिलेगा। यह उन लोगों की भी मदद करेगा जो घर नहीं छोड़ सकते, लेकिन कोरोना सकारात्मक लोगों को भोजन देना चाहते हैं। Swiggy GENIUS यह फ़ंक्शन के माध्यम से घर-पकाया भोजन को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में भी मदद करेगा।

प्रतिरक्षा में सुधार के लिए भोजन होगा
ताज के दौरान सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोगों को उनकी पसंद का खाना नहीं मिलता है। लेकिन वह संगरोध के दौरान अपने पसंदीदा रेस्तरां से भोजन लेगा। कंपनी का दावा है कि यह उन लोगों को खाद्य पदार्थ देगा जो प्रतिरक्षा को भी बढ़ावा देंगे। ऐसा करने के लिए, कंपनी ने हेल्दी फाई मी के साथ साझेदारी की है, जो एक समान खाद्य सूची बनाएगी।

डुनजो एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है
उपयोगकर्ता Swiggy जिनी फीचर के माध्यम से घर पर व्यक्तिगत उपयोग के लिए दवाओं और दवाओं की खरीद भी कर सकते हैं। कोरोना के दौरान पिछली बार भी स्विगी चल देना इस फीचर को लाया गया था, जिसे इस बार के आसपास अपडेट किया गया था और एक स्विगी जेनी फीचर के रूप में जारी किया गया था। यह डंज़ो के ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म की तरह है जो बैंगलोर में काम करता है। यह शहर के भीतर किसी भी माल का परिवहन और परिवहन करता है।

अंत में केयर कॉर्नर अनुभाग में एक दान अनुभाग है। पाया गया दान ऑक्सीजन सिलेंडर और चिकित्सा देखभाल के लिए उपयोग किया जाएगा।

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