भारत में अब नहीं मिलेगी रेनो कैप्चर, तीन साल में 10 हजार यूनिट भी नहीं बेच पाई कंपनी

भारत में अब नहीं मिलेगी रेनो कैप्चर, तीन साल में 10 हजार यूनिट भी नहीं बेच पाई कंपनी

प्रोडक्शन बंद होने की वजह सेल्टोस और क्रेटा की लोकप्रियता को माना जा रहा हैकुछ दिन पहले ही कैप्चर का बीएस6 कंप्लेंट वर्जन टेस्टिंग के दौरान देखा गया

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  • प्रोडक्शन बंद होने की वजह सेल्टोस और क्रेटा की लोकप्रियता को माना जा रहा है
  • कुछ दिन पहले ही कैप्चर का बीएस6 कंप्लेंट वर्जन टेस्टिंग के दौरान देखा गया था

दैनिक भास्कर

Jun 19, 2020, 05:41 PM IST

नई दिल्ली. रेनो ने अपनी कॉम्पैक्ट एसयूवी कैप्चर का प्रोडक्शन भारतीय बाजार में बंद कर दिया है। इसे तीन साल पहले लॉन्च किया था लेकिन बिक्री के मामले में इसका प्रदर्शन निराश करने वाला रहा। लॉन्चिंग से लेकर मार्च 2020 तक इसकी कुल 6618 यूनिट्स ही बिक पाई। सेल्स के घटते आंकड़ों को देखते हुए कंपनी ने इसे बंद करने का फैसला लिया। वहीं बाजार से बाहर होने की दूसरी वजह किआ सेल्टोस और नई हुंडई क्रेटा की बढ़ती लोकप्रियता को भी माना जा रहा है। भारत में कैप्चर कभी भी अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ने में कामयाब नहीं हो पाई जबकि यूरोपीय बाजारों में एक बहुत लोकप्रिय कार है।

BS6 वर्जन आने की उम्मीद थी
रेनो को कुछ दिन पहले ही कैप्चर के BS6 कंप्लेंट वर्जन की टेस्टिंग के लिए स्पॉट किया गया था और सभी ने इसके भारतीय बाजार में जल्द लॉन्च होने की आशंका जताई थी। हालांकि, ऐसा लग रहा है कि रेनो ने डूबते जहाज को बचाने के लिए पूरी तरह से कोशिश नहीं कर पाया। वहीं किआ सेल्टोस और नेक्स्ट-जनरेशन हुंडई क्रेटा की बढ़ती लोकप्रियता के बाद कंपनी के लिए भारत में इसके अस्तित्व को बचाए रखना मुश्किल सा हो गया।

तीन साल में बिके सिर्फ 6,618 यूनिट
तीन साल पहले लॉन्च हुई रेनो कैप्चर के मार्च 2020 तक भारत में 6,618 यूनिट ही बिक पाए। रेनो कैप्चर का बीएस6 युग में बीएस6 पावरट्रेन से दूरी बनाए रखने से ही तय हो गया था कि कंपनी को बिक्री में और गिरावट आने की उम्मीद थी। अभी के लिए रेनो ने पास कैप्चर का कोई रिप्लेसमेंट प्लान नहीं है और डस्टर को ही भारतीय बाजार में कंपनी के फ्लैगशिप ऑफरिंग के तौर पर आगे बढ़ाया जाएगा।

डस्टर और कैप्चर में एक समान प्लेटफार्म
कैप्चर, डस्टर के समान M0 प्लेटफ़ॉर्म पर बेस्ड थी, लेकिन कीमत के हिसाब से इसमें इक्विपमेंट्स की कमी थी। हालांकि, कॉम्पिटीशन ने कभी भी कैप्चर के लिए चीजों को आसान नहीं बनने दिया। रेनो की सिस्टर कंपनी निसान ने हाल ही में किक्स के बीएस6 कंप्लेंट वर्जन को लॉन्च किया था – जो कैप्चर के साथ प्लेटफार्म शेयर करती है।
बीएस4 से बीएस6 एमीशन नॉर्म्स में परिवर्तन के परिणामस्वरूप निसान किक्स को K9K 1.5-लीटर ऑयल बर्नर खोना पड़ा, लेकिन बाद में इसके नया बीएस6 कंप्लेंट 1.3-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन पेश किया गया। वर्तमान में निसान के पास किक्स के अलावा बड़े पैमाने पर भारतीय बाजार में और कोई बड़ा मॉडल नहीं है। रेनो अभी भी एंट्री लेवल की क्विड के अलावा लोकप्रिय सब Four मीटर एमपीवी ट्राइबर पर भरोसा कर सकता है।

नई सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी पर काम कर रही कंपनी
हालांकि, रेनो अब सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में Kiger (कोडनेम HBC) नाम एक नए प्रोडक्ट के साथ बाजार में प्रवेश करने पर भी काम कर रही है, जो कि टाटा नेक्सन, हुंडई वेन्यू, मारुति सुजुकी विटारा ब्रेजा और अन्य सब-Four मीटर एसयूवी से मुकाबला करेगा। भारतीय बाजार में रेनो एक लंबी फीचर लिस्ट के साथ खरीदारों को लुभाने की कोशिश करेगा, जिसे एक आकर्षक कीमत में उपलब्ध कराया जाएगा।

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