चंद सेकंड में किसी भी 2D इमेज को 3D में कन्वर्ट कर सकेंगे यूजर्स, फेसबुक के शोधकर्ताओं ने तैयार किया नया सिस्टम

चंद सेकंड में किसी भी 2D इमेज को 3D में कन्वर्ट कर सकेंगे यूजर्स, फेसबुक के शोधकर्ताओं ने तैयार किया नया सिस्टम

यूजर्स किसी भी मोबाइल डिवाइस पर नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकेंगेशोधकर्ताओं ने बताया कि सिस्टम तैयार करने के लिए फेसबुक AI की मदद ली गई दैनिक भास्

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  • यूजर्स किसी भी मोबाइल डिवाइस पर नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकेंगे
  • शोधकर्ताओं ने बताया कि सिस्टम तैयार करने के लिए फेसबुक AI की मदद ली गई

दैनिक भास्कर

Jun 26, 2020, 07:30 PM IST

न्यूयॉर्क. फेसबुक के शोधकर्ताओं ने एक एंड-टू-एंड सिस्टम तैयार किया है। इससे यूजर्स स्मार्टफोन से ली गई 2D तस्वीरों को चंद सेकंड 3D में कन्वर्ट कर सकेंगे। शोधकर्ताओं ने बताया कि नया फ्रेमवर्क यूजर्स को 3D फोटोग्राफी के लिए अधिक प्रैक्टिकल अप्रोच प्रदान करता है साथ ही कई नई डिजाइन के बारे में सुझाव देता है।
यूजर्स किसी भी मोबाइल डिवाइस पर इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकेंगे और रियल टाइम में 2D इमेज को 3D में कन्वर्ट कर सकेंगे वो भी बिना किसी प्रोफेशनल फोटोग्राफी स्किल्स के। इस प्रक्रिया को पूरा होने में केवल चंद सेकंड का समय लगता है और यह सिस्टम नई-पुरानी हर तरह की तस्वीरों पर काम कर सकता है।

किसी भी फोन पर काम करेगा सिस्टम

  • फेसबुक पर काम के प्रमुख लेखक और शोध वैज्ञानिक जोहान्स कोफ ने कहा, शुरुआत में सभी तस्वीरें ब्लैक एंड व्हाइट और ग्रेन्युल थीं, फिर रंगीन फोटोग्राफी आई और फिर डिजिटल फोटोग्राफी ने हमें उच्च गुणवत्ता और बेहतर-रिजॉल्यूशन वाली तस्वीरें दीं।
  • आखिरकार, इन दिनों हमारे पास 3D फोटोग्राफी है, जिससे हम तस्वीरों को बहुत अधिक जीवंत और वास्तविक महसूस करते हैं। 2D से 3D फोटो तकनीक 2018 के अंत से फेसबुक पर “फोटो फीचर” के रूप में उपलब्ध है। लेकिन इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए फेसबुक यूजर्स को डुअल-लेंस कैमरा वाले फोन से फोटो खींचने की आवश्यकता होती थी।
  • अब, फेसबुक टीम ने इसमें एक एल्गोरिथ्म जोड़ा है जो खुद 2D इनपुट इमेज की गहराई का अनुमान लगाता है और खास बात यह है कि इस तकनीक को किसी भी मोबाइल डिवाइस पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

सिस्टम तैयार करने के लिए फेसबुक एआई की मदद ली गई

  • नए सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए शोधकर्ताओं ने पब्लिक डोमेन में उपलब्ध करोड़ों 3D तस्वीरों के जरिए ट्रेन किया। इसके लिए फेसबुक एआई की मदद ली गई। फ्रेमवर्क में 2D इनपुट इमेज की टेक्चर इनपेंटिंग और जियोमेट्री कैप्चर को भी 3D में कन्वर्ट करना शामिल है, जिससे ऐसी तस्वीरें मिलकी हैं जो अधिक सक्रिय और जीवंत लगती हैं।
  • हर ऑटोमेटेड स्टेप्स जो यूजर के 2D फोटो को सीधे उनके मोबाइल डिवाइस से कन्वर्ट करता है, कई प्रकार के मेक और मॉडल पर चलने के लिए ऑप्टिमाइज किया गया है और यह डिवाइस की लिमिटेड मेमोरी और डेटा-ट्रांसफर क्षमताओं के साथ काम करने में सक्षम है।
  • टीम ने कहा कि- यूजर्स को इससे तुरंत संतुष्टि मिलती है क्योंकि 3D रिजल्ट्स कुछ ही सेकंड में जनरेट हो जाते हैं।

हाई क्वालिटी डेप्थ पता लगाने के लिए सिस्टम तैयार कर रही फेसबुक

  • फेसबुक पर शोधकर्ता हाई क्वालिटी 3D अनुभवों को बनाने के लिए नए और आविष्कारशील तरीकों की ओर काम कर रहे हैं, जो कंप्यूटर विजन, ग्राफिक्स और मशीन लर्निंग को आगे बढ़ा रहे हैं।
  • भविष्य के लिए टीम मशीन-लर्निंग तरीकों की जांच कर रही है, जो मोबाइल डिवाइस के साथ लिए गए वीडियो के लिए हाई-क्वालिटी डेप्थ का अनुमान लगाने में सक्षम होंगी। फेसबुक के शोधकर्ता अगस्त में SIGGRAPH 2020 कॉन्फ्रेंस में अपने सिस्टम को प्रदर्शित करने के लिए तैयार हैं।

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